बेडु पाको बारो मासा MEENA NEGI & TEAM 16/4/2016 Devbhoomi Lok Kala Udgam...
बेड़ू पाको बारमासा (हिंदी: पहाड़ी अंजीर वर्ष भर पकते हैं), उत्तराखण्ड का एक प्रसिद्ध कुमाऊँनी लोकगीत है, जिसके रचयिता तथा लेखक बृजेन्द्र लाल शाह हैं। मोहन उप्रेती तथा बृजमोहन शाह द्वारा संगीतबद्ध यह गीत दुनिया भर में उत्तराखण्डियों द्वारा सुना जाता है। इस गीत को पहली बार वर्ष १९५२ में राजकीय इंटर कालेज, नैनीताल के मंच पर गाया गया। बाद में इसे दिल्ली में तीन मूर्ति भवन में एक अंतरराष्ट्रीय सभा के सम्मान में प्रदर्शित किया गया, जिससे इसे अधिक प्रसिद्धि मिली। उस सभा में एचएमवी द्वारा बनाये गए इस गीत के रिकॉर्डिंग समस्त मेहमानों को स्मारिका के रूप में भी दिए गए थे। यह भारत के पहले प्रधानमंत्री, जवाहर लाल नेहरू के पसंदीदा गीतों में से था।
Bedu pako bara masa
O Naraini kafal paako chaita, meri chhaila
Bedu pako bara masa
Naraina kafal paako chaita, meri chhaila
Bhoon bhoona deen aayo
Naraina,tuja teri maita, meri chaila
Almora ki Nanda Devi
O naren phul chaduni paat meri chhail
Bedu pako bara masa.....
Tyara khutta kaando budyo
O naren mera khutti peed meri chhaila.
Bedu pako baromasa.....
Aap khanchhe paan supari
O naren main piluchhe bidi meri chhaila,
Bedu pako baromasa.....
Almora ko lal bazaar
O naren lal matta ki seedhi meri chhalia,
Bedu pako baromasa.....
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
भुण भुण दीन आयो -२ नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
आप खांछे पन सुपारी -२, नरण मैं भी लूँ छ बीडी मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
अल्मोडा की नंदा देवी, नरण फुल छदुनी पात मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
त्यार खुटा मा कांटो बुड्या, नरणा मेरी खुटी पीडा मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
अल्मोडा को लल्ल बजार, नरणा लल्ल मटा की सीढी मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
Bedu pako bara masa
O Naraini kafal paako chaita, meri chhaila
Bedu pako bara masa
Naraina kafal paako chaita, meri chhaila
Bhoon bhoona deen aayo
Naraina,tuja teri maita, meri chaila
Almora ki Nanda Devi
O naren phul chaduni paat meri chhail
Bedu pako bara masa.....
Tyara khutta kaando budyo
O naren mera khutti peed meri chhaila.
Bedu pako baromasa.....
Aap khanchhe paan supari
O naren main piluchhe bidi meri chhaila,
Bedu pako baromasa.....
Almora ko lal bazaar
O naren lal matta ki seedhi meri chhalia,
Bedu pako baromasa.....
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
भुण भुण दीन आयो -२ नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
आप खांछे पन सुपारी -२, नरण मैं भी लूँ छ बीडी मेरी छैला -२
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
अल्मोडा की नंदा देवी, नरण फुल छदुनी पात मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
त्यार खुटा मा कांटो बुड्या, नरणा मेरी खुटी पीडा मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
अल्मोडा को लल्ल बजार, नरणा लल्ल मटा की सीढी मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा -२, ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला - २
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